क्योंकि जब मैं रोता हूँ तो ये कभी नहीं हस्ता…!!!
मगर तुम्हारी छाँव में अब लौट कर नहीं आना…
कोई समझे तो दिल की चुप्पी भी बहुत कुछ कहती है,
इशारे से कहा हम दिल का ऐसा हाल करते हैं…!
बेवकूफ़ समझती है वो मुझे, मैं बदनसीब नहीं — बस प्यार का ही मारा Sad Shayari in Hindi हूँ।
तो हम दुआ करते हैं आपकी खुशी कभी कम ना हो…!
जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना,
हुस्न पर क्या इतराना जिसकी औकात ही बिस्तर तक है…!
ज़िंदगी के दरख़्त पर कुल्हाड़ी के वार हैं…!
रिश्ते निभाने की उम्मीद हमसे ही क्यों,
अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना कर दिया,
मगर वो ख्वाबों में आने से भी बाज़ नहीं आते।
बोहत मुस्कील से करता हु तेरी यादों का कारोबार,
ज़ख़्म दिल में लिखे थे… लोगों ने मज़ाक समझ लिया,